Indian Culture & Hindu Mythology

Indian Culture & Hindu Mythology भारत की प्राचीन परंपराओं, रीति-रिवाजों और जीवन मूल्यों को दर्शाती है। हिंदू मिथोलॉजी देवताओं, पुराणों और महाकाव्यों के माध्यम से धर्म, कर्म, भक्ति और नैतिकता की शिक्षा देती है, जो आज भी भारतीय समाज की सोच और आस्था को दिशा प्रदान करती है।

  • Friendship Day Wishes

    “दोस्ती खुशियाँ बाँटने से बढ़ती है और गम बाँटने से और गहरी हो जाती है।” 1. मित्रता क्या है ? मित्रता (Friendship)  मानव जीवन का वह सुनहरा धागा है जो दो हृदयों को बिना किसी स्वार्थ के जोड़ देता है। यह एक ऐसा रिश्ता है जो जन्म नहीं लेता, बल्कि समय के साथ खुद-ब-खुद बन…

  • Raksha Bandhan Kab Hai?

    1. भूमिका (Introduction) रक्षाबंधन (Raksha Bandhan) भारतीय संस्कृति का एक महत्वपूर्ण त्योहार है, जो भाई-बहन के रिश्ते को और भी मजबूत करता है। यह त्योहार प्रत्येक वर्ष श्रावण माह की पूर्णिमा को मनाया जाता है। रक्षाबंधन का मुख्य उद्देश्य भाई-बहन के रिश्ते को सम्मान देना और इस रिश्ते में एक नई भावना का संचार करना…

  • Krishna Janmashtami Wishes

    कृष्ण (Krishna) जन्माष्टमी का त्योहार 16 अगस्त 2025 को मनाया जायेगा . भारतवर्ष एक सांस्कृतिक, धार्मिक और आध्यात्मिक धरोहर से समृद्ध राष्ट्र है, जहाँ वर्ष भर अनेक पर्व और त्यौहार मनाए जाते हैं। इन पर्वों में से कुछ केवल उत्सव मात्र नहीं होते, बल्कि वे जीवन दर्शन, नैतिक मूल्यों और ईश्वरीय संदेशों का वाहक होते…

  • Nag Panchami Puja

    परिचय नाग पंचमी (Nag Panchami) हिन्दू धर्म का एक अत्यंत महत्वपूर्ण और लोकप्रिय पर्व है। यह पर्व विशेष रूप से भारतीय उपमहाद्वीप में मनाया जाता है और इसका धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व है। नाग पंचमी (Nag Panchami) का पर्व श्रावण माह की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है, जो आमतौर पर…

  • Sawan 2025 start and end date ?

    1. सावन (Sawan) माह का महत्व और विवरण सावन (Sawan) का महीना हिन्दू पंचांग के अनुसार श्रावण मास कहलाता है और यह भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष रूप से समर्पित होता है। यह मास वर्षा ऋतु के बीच आता है, जब प्रकृति अपनी पूरी सुंदरता के साथ खिल उठती है। पेड़-पौधे हरे-भरे हो…

  • Happy Guru Purnima Wishes/ गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाये

    गुरु पूर्णिमा (Guru Purnima) हिन्दू, बौद्ध एवं जैन परंपराओं में अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व है। यह न केवल गुरु–शिष्य परंपरा का प्रतीक है, बल्कि ज्ञान, आध्यात्मिक चिन्तन और धार्मिक जीवन का एक उत्कट उत्सव भी है। यह दिन आषाढ़ मास की पूर्णिमा तिथि (पूर्णिमा व्रत) को मनाया जाता है, जो मॉडर्न कैलेंडर अनुसार जुलाई के मध्य में…