Tiktok Back In India?

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1. परिचय

आज के डिजिटल युग में सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म न केवल मनोरंजन का साधन हैं, बल्कि यह करोड़ों लोगों की आजीविका, पहचान और सामाजिक संवाद का प्रमुख माध्यम बन चुके हैं। इन्हीं प्लेटफ़ॉर्म्स में से एक रहा है TikTok। चीन की कंपनी ByteDance द्वारा निर्मित यह ऐप विश्व स्तर पर लोकप्रिय हुआ। इसकी खासियत थी – छोटे, मनोरंजक और आकर्षक वीडियो बनाना और साझा करना। युवा पीढ़ी, कलाकार, कॉमेडियन, डांसर, सिंगर, यहाँ तक कि सामान्य लोग भी इस पर अपनी प्रतिभा दिखाकर लोकप्रिय हो सकते थे।

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भारत में TikTok की लोकप्रियता किसी क्रांति से कम नहीं थी। छोटे कस्बों और गाँवों से लेकर बड़े शहरों तक हर जगह लाखों-करोड़ों लोग इसका उपयोग कर रहे थे। खासकर उन लोगों के लिए, जिन्हें फिल्म इंडस्ट्री या टीवी तक पहुँच नहीं थी, TikTok ने मंच उपलब्ध कराया।

लेकिन जून 2020 में, भारत सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा और डेटा गोपनीयता के मुद्दे पर TikTok समेत 59 चीनी ऐप्स को प्रतिबंधित कर दिया। यह बैन भारत-चीन के बीच सीमा पर तनाव, खासकर गलवान घाटी संघर्ष के बाद लिया गया बड़ा कदम था।

अब 2025 में अचानक ख़बर आई कि TikTok की वेबसाइट भारत में कुछ नेटवर्क पर फिर से खुल रही है। हालाँकि सरकार ने अभी भी यह स्पष्ट किया है कि ऐप पर बैन बरकरार है और TikTok की पूर्ण वापसी नहीं हुई है। इस घटनाक्रम ने एक बार फिर चर्चा छेड़ दी है—क्या TikTok सचमुच भारत लौट रहा है?

2. भारत में TikTok का उदय और लोकप्रियता

टिकटॉक को चीन की कंपनी ByteDance ने बनाया था। शुरुआत में इसे चीन में Douyin के नाम से लॉन्च किया गया, और बाद में अंतरराष्ट्रीय बाज़ार के लिए इसका नाम टिकटॉक रखा गया। भारत में यह ऐप 2017 के आसपास पहुँचा और देखते ही देखते 2018-19 तक इसकी लोकप्रियता विस्फोटक रूप से बढ़ने लगी

(A) TikTok की लोकप्रियता बढ़ने के कारण :

  1. सहजता और सरलता – किसी भी आम इंसान के लिए यह ऐप इस्तेमाल करना बेहद आसान था। बस कैमरा ऑन करो, एक गाना या डायलॉग चुनो और छोटा-सा वीडियो रिकॉर्ड कर लो।
  2. छोटे वीडियो का फॉर्मेट – भारतीय दर्शकों के लिए 15 सेकंड से लेकर 60 सेकंड तक का मनोरंजन बिल्कुल नया और आकर्षक अनुभव था।
  3. लोकलाइजेशन –टिकटॉक  ने भारत की भाषाओं और संस्कृतियों पर ध्यान दिया। हिंदी, भोजपुरी, पंजाबी, तमिल, तेलुगु, बंगाली आदि भाषाओं में कंटेंट बनाने की सुविधा ने इसे गाँव-गाँव तक पहुँचा दिया।
  4. एल्गोरिद्म की ताकत –टिकटॉक  का एल्गोरिद्म इस तरह से डिज़ाइन किया गया था कि किसी भी नए क्रिएटर का वीडियो भी अचानक वायरल हो सकता था। यानी केवल बड़े फॉलोअर्स वाले लोग ही नहीं, बल्कि एक साधारण नया यूज़र भी स्टार बन सकता था।
  5. समुदाय और पहचान –टिकटॉक  ने लाखों युवाओं को एक पहचान दी। बहुत से ऐसे लोग जो कभी टीवी या फिल्म इंडस्ट्री तक नहीं पहुँच सकते थे, उन्होंने टिकटॉक पर अपनी प्रतिभा से लाखों फॉलोअर्स बनाए।

(B) आँकड़े बताते हैं लोकप्रियता

  • भारत में 2020 तक टिकटॉक के 20 करोड़ से ज़्यादा यूज़र थे।
  • टिकटॉक भारत का सबसे ज़्यादा डाउनलोड किया जाने वाला ऐप बन गया था।
  • लाखों लोगों की रोज़गार और कमाई टिकटॉक पर निर्भर होने लगी थी।
  • गाँवों और कस्बों में रहने वाले लोग, जो पहले कभी डिजिटल दुनिया से इतने जुड़े नहीं थे,  टिकटॉक की वजह से इंटरनेट संस्कृति का हिस्सा बने।

(C) TikTok ने समाज को क्या दिया?

  • मनोरंजन का नया स्वरूप
  • सामाजिक बराबरी का मंच, जहाँ अमीर-गरीब, शहर-गाँव सभी को बराबरी का मौका मिला
  • प्रतिभा का प्रसार, जैसे – डांस, कॉमेडी, गायन, अभिनय, कला
  • लोकप्रियता और आय, जिससे कई लोगों ने सोशल मीडिया को अपना करियर बनाया

3. भारत में TikTok बैन का इतिहास, कारण और प्रक्रिया

A) TikTok बैन की पृष्ठभूमि

जून 2020 तक भारत में TikTok सबसे लोकप्रिय सोशल मीडिया ऐप्स में गिना जाने लगा था। Play Store और App Store दोनों जगहों पर इसे करोड़ों बार डाउनलोड किया गया। गाँवों से लेकर महानगरों तक, छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े इन्फ्लुएंसर तक—हर वर्ग का व्यक्ति इस प्लेटफ़ॉर्म पर सक्रिय था।

लेकिन मई–जून 2020 में भारत और चीन के बीच लद्दाख सीमा पर तनाव बढ़ने लगा। गलवान घाटी (Galwan Valley) में दोनों देशों की सेनाओं के बीच हिंसक झड़प हुई, जिसमें भारतीय जवानों ने शहादत दी। यह घटना पूरे देश में आक्रोश का कारण बनी। जनता ने चीनी उत्पादों और ऐप्स का बहिष्कार करने की माँग उठाई।

B) सरकार का निर्णय

22 जून 2020 को भारत सरकार ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (Information Technology Act 2000) की धारा 69A के तहत TikTok समेत 59 चीनी ऐप्स को प्रतिबंधित कर दिया। सरकार ने साफ कहा कि इन ऐप्स के संचालन से:

  • राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा है।
  • डेटा गोपनीयता पर सवाल है।
  • भारतीय उपयोगकर्ताओं का निजी डेटा चीन के सर्वरों तक पहुँच सकता है।
  • यह ऐप्स भारत की संप्रभुता और अखंडता के लिए हानिकारक हो सकते हैं।

C) प्रतिबंध लागू होने की प्रक्रिया

  • भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने औपचारिक आदेश जारी किया।
  • Google Play Store और Apple App Store से TikTok हट गया।
  • इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स (ISP) को निर्देश दिया गया कि वे TikTok और अन्य चीनी ऐप्स की पहुँच को रोकें।
  • जो उपयोगकर्ता पहले से TikTok का ऐप इस्तेमाल कर रहे थे, उनके लिए भी धीरे-धीरे इसका सर्वर एक्सेस बंद कर दिया गया।

D) जनता और क्रिएटर्स की प्रतिक्रिया

TikTok बैन से करोड़ों उपयोगकर्ता प्रभावित हुए।

  • लाखों क्रिएटर्स, जिन्होंने लाखों फॉलोअर्स और लोकप्रियता पाई थी, अचानक प्लेटफ़ॉर्म विहीन हो गए।
  • छोटे शहरों और गाँवों में, जहाँ लोगों को अन्य सोशल मीडिया पर ज्यादा पहचान नहीं मिल पाती थी, TikTok ने उन्हें मंच दिया था। बैन से यह अवसर छिन गया।
  • युवाओं में निराशा थी, लेकिन एक बड़े वर्ग ने सरकार के फैसले का स्वागत किया और इसे देशहित में बताया।

E) राजनीतिक और रणनीतिक असर

TikTok का बैन केवल एक टेक्नोलॉजी मुद्दा नहीं था, बल्कि यह भारत की विदेश नीति और रणनीति का भी प्रतीक बन गया।

  • इस बैन ने यह संदेश दिया कि भारत चीन की डिजिटल घुसपैठ बर्दाश्त नहीं करेगा।
  • इस कदम के बाद अमेरिका समेत कई देशों ने भी TikTok पर निगरानी और पाबंदी लगाने पर विचार करना शुरू किया।
  • भारत में यह फैसला “डिजिटल स्ट्राइक” के रूप में देखा गया।

4. TikTok की अनुपस्थिति का भारत पर प्रभाव

A) भारतीय क्रिएटर्स पर प्रभाव

TikTok बैन का सबसे गहरा असर उन लाखों क्रिएटर्स पर पड़ा, जिन्होंने इस प्लेटफ़ॉर्म पर अपनी पहचान बनाई थी।

  • युवा और ग्रामीण क्रिएटर्स – छोटे कस्बों और गाँवों से आने वाले युवा पहली बार बिना बड़े संसाधनों के अपनी प्रतिभा देश और दुनिया के सामने रख पा रहे थे। बैन से यह मौका अचानक खत्म हो गया।
  • आय का साधन – TikTok पर लाइव गिफ्ट्स, ब्रांड प्रमोशन और विज्ञापन से हजारों लोग कमाई कर रहे थे। बैन के बाद उनकी आय का मुख्य स्रोत बंद हो गया।
  • मानसिक प्रभाव – बहुत से क्रिएटर्स ने अपनी मेहनत और सालों की फॉलोअरशिप खो दी। इससे मानसिक तनाव और हताशा बढ़ी।

B) सोशल मीडिया उद्योग में बदलाव

TikTok के हटने के बाद भारत के डिजिटल परिदृश्य में बड़ा बदलाव आया।

  • स्थानीय ऐप्स का उदय – कई भारतीय कंपनियों ने TikTok के विकल्प पेश किए, जैसे:
  • Moj (ShareChat द्वारा)
  • Josh (Dailyhunt द्वारा)
  • Roposo
  • Mitron App
  • Chingari इनमें से कुछ ऐप्स ने तेजी से लोकप्रियता हासिल की, लेकिन वे TikTok की तरह लंबी अवधि में स्थिर नहीं रह सके।
  • Instagram Reels – सबसे बड़ा फायदा Instagram को हुआ। Facebook (अब Meta) ने TikTok बैन के तुरंत बाद Reels लॉन्च किया और भारतीय उपयोगकर्ताओं को आकर्षित किया। आज भारत में Reels, TikTok का सबसे बड़ा विकल्प बन चुका है।

C) मनोरंजन संस्कृति पर असर

TikTok ने भारत में शॉर्ट-वीडियो संस्कृति की नींव रखी थी।

  • नई प्रतिभाओं को मंच – बिना किसी फिल्मी बैकग्राउंड के सामान्य लोग भी “सेलेब्रिटी” बन गए थे।
  • भाषाई विविधता – TikTok पर सिर्फ हिंदी ही नहीं, बल्कि तमिल, तेलुगु, भोजपुरी, पंजाबी और अन्य भाषाओं में भी लाखों वीडियो बनते थे।
  • क्रिएटिविटी का नया दौर – नृत्य, अभिनय, कॉमेडी, संवाद, शिक्षा, DIY और यहां तक कि कृषि संबंधी वीडियो भी लोकप्रिय हुए।

D) बैन के बाद:

  • यह संस्कृति पूरी तरह खत्म तो नहीं हुई, लेकिन बिखर गई।
  • लोग अलग-अलग ऐप्स में बंट गए।
  • शॉर्ट-वीडियो का ट्रेंड जारी रहा, लेकिन TikTok जैसी गहराई और बड़े स्तर की पहुँच किसी ऐप ने हासिल नहीं की।

E) अर्थव्यवस्था पर असर

TikTok केवल मनोरंजन का साधन नहीं था, बल्कि इसने डिजिटल अर्थव्यवस्था को गति दी थी।

  • इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग – हजारों ब्रांड्स ने TikTok पर अपने प्रोडक्ट्स का प्रचार किया।
  • रोज़गार – वीडियो एडिटिंग, सोशल मीडिया मैनेजमेंट और डिजिटल मार्केटिंग जैसे नए रोजगार TikTok से जुड़े थे।
  • बैन के बाद – ब्रांड्स ने अपनी रणनीति बदली और Instagram व YouTube Shorts पर ध्यान देना शुरू किया।

F) समाज और राजनीति पर असर

  • सकारात्मक पक्ष – TikTok पर कुछ आपत्तिजनक और विवादित कंटेंट भी होता था। बैन के बाद ऐसे कंटेंट पर रोक लगी।
  • नकारात्मक पक्ष – युवाओं की अभिव्यक्ति का एक बड़ा मंच उनसे छिन गया।
  • राजनीतिक विमर्श – TikTok बैन को जनता ने “देशभक्ति” के रूप में देखा और सोशल मीडिया पर चीनी उत्पादों के बहिष्कार की लहर तेज हुई।

5. भारत-चीन संबंध, मीडिया रिपोर्ट्स और TikTok की आंशिक वापसी की राजनीतिक बहस

A) भारत-चीन संबंधों की पृष्ठभूमि

2020 में TikTok पर बैन केवल तकनीकी निर्णय नहीं था, बल्कि यह सीधे-सीधे भारत-चीन के सीमा विवाद और गलवान घाटी संघर्ष से जुड़ा था। भारत ने डिजिटल क्षेत्र में “स्ट्राइक” कर चीन को यह संदेश दिया कि सुरक्षा और संप्रभुता से समझौता नहीं किया जाएगा। आने वाले वर्षों में भारत और चीन के बीच रिश्ते उतार-चढ़ाव भरे रहे। सीमा पर तनाव कम करने के लिए कई दौर की सैन्य और कूटनीतिक वार्ताएँ हुईं, लेकिन विश्वास का स्तर पहले जैसा नहीं रहा।

B) 2025 में TikTok की आंशिक वापसी

अगस्त 2025 में अचानक भारतीय इंटरनेट उपयोगकर्ताओं ने देखा कि TikTok की वेबसाइट कुछ नेटवर्क पर खुल रही है।

  • Vodafone-Idea और BSNL जैसे नेटवर्क पर वेबसाइट खुली, लेकिन Jio और Airtel पर अब भी बंद रही
  • वेबसाइट पर केवल होमपेज या “लैंडिंग पेज” ही उपलब्ध था, असली कंटेंट (वीडियो, प्रोफाइल आदि) अब भी दिखाई नहीं दे रहे थे।
  • मोबाइल ऐप अब भी Google Play Store और Apple App Store पर अनुपलब्ध था।

इससे यह अटकलें लगाई जाने लगीं कि शायद TikTok भारत में धीरे-धीरे वापसी की तैयारी कर रहा है।

C) मीडिया रिपोर्ट्स

भारतीय और अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने इस खबर को बड़े स्तर पर कवर किया।

  • Economic Times, Business Today, NDTV Profit, India Today और Hindustan Times जैसी बड़ी संस्थाओं ने रिपोर्ट दी कि TikTok का होमपेज भारत में कुछ यूज़र्स को दिख रहा है।
  • मीडिया ने यह भी बताया कि ByteDance ने इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया
  • सरकार के अधिकारियों ने साफ कहा कि बैन अब भी बरकरार है और किसी तरह की “औपचारिक अनुमति” नहीं दी गई है।

D) सरकार की प्रतिक्रिया

भारत सरकार ने स्पष्ट किया:

  • TikTok पर कानूनी प्रतिबंध अब भी लागू है।
  • वेबसाइट का दिखना केवल तकनीकी बदलाव या DNS अपडेट का नतीजा हो सकता है।
  • ऐप का संचालन और कंटेंट उपलब्ध कराना अब भी गैरकानूनी है।

इससे यह साफ हुआ कि TikTok की “वापसी” अभी केवल आंशिक और तकनीकी स्तर तक सीमित है, इसे आधिकारिक पुनःप्रवेश नहीं कहा जा सकता।

E) राजनीतिक बहस

TikTok की वेबसाइट खुलने के साथ ही राजनीति गरमा गई।

  • कांग्रेस पार्टी ने सरकार पर आरोप लगाया कि यह भारत-चीन के बीच “नज़दीकी बढ़ने” का संकेत है।
  • कांग्रेस नेताओं ने इसे विदेश नीति में नरमी और “सीज़फ़ायर वाली रणनीति” से तुलना की।
  • दूसरी ओर, सरकार समर्थकों का कहना था कि बैन अब भी लागू है, और यह सब केवल तकनीकी बदलाव का नतीजा है।

F) जनता की प्रतिक्रिया

  • कई युवाओं में खुशी की लहर दौड़ गई कि शायद TikTok सचमुच वापसी कर रहा है।
  • वहीं, एक वर्ग ने चिंता जताई कि अगर TikTok लौटता है तो डेटा सुरक्षा और राष्ट्रीय हित फिर से खतरे में पड़ सकते हैं।
  • सोशल मीडिया पर #TikTokIsBack और #BanTikTokAgain जैसे ट्रेंड एक साथ चलने लगे।

6. वर्तमान स्थिति और TikTok के भविष्य की संभावनाएँ

A) वर्तमान स्थिति (2025 तक)

अभी की स्थिति को अगर संक्षेप में समझें तो:

  • TikTok की वेबसाइट आंशिक रूप से खुल रही है, लेकिन सिर्फ कुछ नेटवर्क पर।
  • वीडियो कंटेंट, प्रोफाइल और ऐप अब भी उपलब्ध नहीं हैं।
  • Google Play Store और Apple App Store पर TikTok का ऐप भारत में डाउनलोड नहीं किया जा सकता।
  • सरकार ने आधिकारिक तौर पर स्पष्ट कर दिया है कि बैन बरकरार है

यानि TikTok की जो चर्चा हो रही है, वह वास्तविक “वापसी” नहीं बल्कि केवल तकनीकी बदलाव और अटकलें हैं।

B) TikTok कंपनी की स्थिति

ByteDance, जो TikTok की मूल कंपनी है, उसने इस घटनाक्रम पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।

  • कंपनी ने 2020 के बाद से भारत में अपने दफ्तर बंद कर दिए थे और कर्मचारियों को दूसरी परियोजनाओं में लगा दिया था।
  • TikTok का भारत में सबसे बड़ा यूज़रबेस था (करीब 20 करोड़ सक्रिय उपयोगकर्ता), इसलिए कंपनी हमेशा वापसी की संभावनाएँ देखती रही है।
  • अब संभव है कि ByteDance नए नियमों के तहत, जैसे डेटा लोकलाइजेशन या किसी भारतीय कंपनी के साथ साझेदारी करके वापसी की रणनीति बना रहा हो।

C) भविष्य की संभावनाएँ

TikTok की वापसी कई शर्तों पर निर्भर करेगी:

  • डेटा सुरक्षा नियम – भारत सरकार चाहती है कि उपयोगकर्ताओं का डेटा भारत में ही सुरक्षित रहे। अगर TikTok इस पर सहमत होता है, तो वापसी की राह आसान हो सकती है।
  • भारतीय साझेदार – सरकार चाहती है कि TikTok किसी भारतीय कंपनी के साथ मिलकर काम करे, ताकि नियंत्रण और निगरानी बनी रहे।
  • राजनीतिक माहौल – अगर भारत-चीन संबंधों में सुधार होता है तो TikTok की वापसी आसान हो सकती है, अन्यथा मुश्किल।

D) भारतीय प्रतिस्पर्धा

आज टिकटॉक की अनुपस्थिति में Instagram Reels, YouTube Shorts और Moj जैसे ऐप्स ने बाज़ार पर कब्ज़ा कर लिया है।

  • Instagram Reels भारत में सबसे लोकप्रिय शॉर्ट वीडियो प्लेटफ़ॉर्म बन चुका है।
  • YouTube Shorts ने क्रिएटर्स को बड़ा मंच दिया।
  • Moj, Josh और Roposo जैसी भारतीय ऐप्स भी अपने क्षेत्र में सक्रिय हैं, लेकिन टिकटॉक जैसी पकड़ अभी तक नहीं बना पाई हैं।

इसलिए, अगर टिकटॉक  वापस आता है तो उसे कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना होगा।

E) जनता की उम्मीदें और आशंकाएँ

  • युवाओं और क्रिएटर्स को टिकटॉक  की वापसी का बेसब्री से इंतजार है। उन्हें उम्मीद है कि यह फिर से उन्हें बड़ा मंच देगा।
  • सुरक्षा और राजनीति को लेकर जनता का एक बड़ा वर्ग अभी भी टिकटॉक को संदेह की नजर से देखता है। उनका मानना है कि अगर वापसी होती है तो यह भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा नीतियों के साथ पूरी तरह मेल खानी चाहिए।

7. निष्कर्ष – TikTok की वापसी का महत्व और भारत के डिजिटल भविष्य पर असर

A) संक्षिप्त स्थिति

जून 2020 में टिकटॉक पर लगाया गया प्रतिबंध भारत के लिए केवल एक तकनीकी फैसला नहीं था, बल्कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा, डेटा गोपनीयता और विदेश नीति का बड़ा कदम था। इससे चीन को यह संदेश गया कि भारत अपने डिजिटल क्षेत्र में किसी भी तरह की घुसपैठ बर्दाश्त नहीं करेगा। 2025 में जब टिकटॉक की वेबसाइट आंशिक रूप से भारत में खुली, तो यह खबर तेजी से चर्चा का विषय बन गई। हालाँकि सरकार ने तुरंत स्पष्ट कर दिया कि बैन अभी भी बरकरार है

B) TikTok की वापसी का महत्व

  • क्रिएटर्स के लिए – लाखों भारतीय युवा, जिन्होंने टिकटॉक  के जरिए पहचान और आय अर्जित की थी, उनके लिए वापसी एक नए अवसर की तरह होगी।
  • भारतीय डिजिटल बाज़ार के लिए –टिकटॉक  की वापसी से प्रतिस्पर्धा और तेज होगी। इससे भारतीय ऐप्स को अपनी गुणवत्ता सुधारने और नई सुविधाएँ जोड़ने का दबाव रहेगा।
  • सरकार और नीति के लिए – अगर टिकटॉक को वापस आना है, तो उसे भारत के कानूनों और सुरक्षा नियमों का पालन करना होगा। इससे भारत की डिजिटल संप्रभुता और मज़बूत होगी।

C) चुनौतियाँ

  • सुरक्षा – डेटा का दुरुपयोग न हो, यह सुनिश्चित करना सबसे बड़ी चुनौती होगी।
  • राजनीतिक विश्वास – भारत-चीन संबंध अभी भी संवेदनशील हैं, इसलिए जनता और राजनीतिक दलों के बीच भरोसा बनाना मुश्किल होगा।
  • प्रतिस्पर्धा – Instagram Reels और YouTube Shorts पहले से ही भारतीय बाज़ार में मजबूत हो चुके हैं। टिकटॉक को वापसी पर अपने पुराने यूज़र्स को वापस लाने के लिए और भी आकर्षक रणनीतियाँ बनानी होंगी।

D) व्यापक दृष्टिकोण

ये पूरी कहानी हमें यह सिखाती है कि डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म अब केवल मनोरंजन का साधन नहीं रहे। यह राजनीति, अर्थव्यवस्था और कूटनीति से सीधे जुड़ चुके हैं। एक ऐप पर बैन भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ा संदेश देता है और उसकी वापसी भी।

E) अंतिम निष्कर्ष

 TikTok की आंशिक वापसी भले ही अभी सिर्फ एक तकनीकी घटना हो, लेकिन इसने यह साफ कर दिया है कि भारत का डिजिटल बाज़ार विश्व की बड़ी कंपनियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। भविष्य में अगर TikTok भारत लौटता है, तो यह केवल मनोरंजन की वापसी नहीं होगी, बल्कि यह भारतीय युवाओं की ऊर्जा, क्रिएटिविटी और डिजिटल संप्रभुता के नए युग की शुरुआत होगी।

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